हर लफ़्ज़ सुनिए। अपनी भाषा में।
मिंबर आपको जुमे का ख़ुतबा आपकी अपनी भाषा में समझने में मदद करता है, जब इमाम साहब बोल रहे होते हैं। जानिए यह क्या है, किसके काम आता है और आपके दिन में कैसे शामिल होता है।
मिंबर क्या है?
मिंबर एक मुफ़्त मददगार है जो ख़ुतबा आपके फ़ोन पर आपकी भाषा में दिखाता है, जब इमाम साहब अभी बोल ही रहे होते हैं। आपको कंप्यूटर के बारे में कुछ जानने की ज़रूरत नहीं। अपनी मस्जिद चुनिए, अपनी भाषा चुनिए, फिर पढ़िए या सुनिए। बस इतना ही।


हमने इसे क्यों बनाया
हमारा मक़सद
कोई भी ख़ुतबे में बैठे और उसे समझ न पाए, ऐसा नहीं होना चाहिए।
हमारा सपना
ऐसी दुनिया जहाँ मस्जिद आने वाला हर इंसान समझे और घर लौटते समय ज़िंदगी के लिए कुछ साथ ले जाए।
हमारा मिशन
ख़ुतबा हर इंसान तक उसके दिल की भाषा में पहुँचाना। आसानी से, प्यार से और मुफ़्त।
हमारे ऐप
सुनने वालों का ऐप
अपने फ़ोन पर खोलिए। अपनी मस्जिद ढूँढिए और ख़ुतबा लाइव, पंक्ति दर पंक्ति पढ़िए।
मस्जिद पोर्टल
एक सादा पन्ना जहाँ मस्जिद की टीम ख़ुतबे लिखती है, लाइव जाती है और जमात का ख़याल रखती है।
बड़ी स्क्रीन
ख़ुतबा मस्जिद के टीवी पर दिखाइए ताकि पूरा हॉल साथ पढ़ सके।
रोज़ के साथी
दुआएँ, अज़कार, क़ुरआन और तारीख़, सब एक जगह, हर दिन के लिए।
हर दिन आपके साथ
- अज़कार
सुबह और शाम के अज़कार गिनती के साथ। बस छुइए और गिनिए। - हिस्नुल मुस्लिम
रोज़मर्रा की दुआओं की मशहूर किताब, मौक़े के हिसाब से: जागना, सफ़र, खाना और बहुत कुछ। - रोज़ाना का विर्द
हर दिन क़ुरआन का एक छोटा हिस्सा, ताकि पढ़ना आदत बन जाए। - हिजरी तारीख़ और चाँद
आज की इस्लामी तारीख़, चाँद की उम्र और आने वाले मौक़े। - नमाज़ के वक़्त और क़िब्ला
जानिए कब नमाज़ पढ़नी है और रुख़ किधर है।



मस्जिदों और केंद्रों के लिए
मस्जिद पोर्टल व्यस्त लोगों के लिए बना है जो तकनीकी नहीं हैं। हर चीज़ का साफ़ नाम और बड़ा बटन है।

- लाइव जाइए
एक ख़ुतबा चुनिए, एक बटन दबाइए, और सब सुनने वाले उसी वक़्त देख लें। - ख़ुतबे
ख़ुतबा लिखिए, सहेजिए, और पुराने ख़ुतबे रखिए ताकि लोग दोबारा पढ़ सकें। - भाषाएँ
वे भाषाएँ चुनिए जो आपकी जमात को चाहिए। जब चाहें और जोड़िए। - पुस्तकालय
आयत ढूँढिए, पीडीएफ़ फ़ाइलें रखिए और पढ़ाई की सामग्री बाँटिए। - घोषणाएँ
जमात को कार्यक्रमों, दर्सों और ख़बरों के बारे में बताइए। - दान
लोगों को सुरक्षित तरीक़े से मस्जिद को देने का मौक़ा दीजिए। - संदेश और वॉट्सऐप
मस्जिद से जुड़े लोगों के संपर्क में रहिए।


मस्जिद की टीम में कौन क्या करता है
मस्जिद मददगार जोड़ सकती है। हर व्यक्ति सिर्फ़ वही देखता है जो उसे चाहिए।
- मस्जिद प्रबंधक
खाता खोलता है, टीम जोड़ता है और तय करता है कि कौन क्या करे। - ख़तीब
ख़ुतबा पढ़ता है और लाइव जाता है। - संपादक
ख़ुतबे का पाठ तैयार करता है और उसे साफ़ बनाता है। - अनुवादक
ख़ुतबा दूसरी भाषाओं में लिखता है। - समीक्षक
छपने से पहले काम की जाँच करता है। - मीडिया स्वयंसेवक
स्क्रीन, आवाज़ और तस्वीरों का ध्यान रखता है।

सुनने वाले के लिए
सुनने के लिए साइन अप करने की ज़रूरत नहीं। ऐप खोलिए और साथ चलिए।
- अपनी मस्जिद ढूँढिए
नाम से खोजिए, QR कोड स्कैन कीजिए, या «मेरे पास» दबाइए। - लाइव जुड़िए
ख़ुतबा शुरू होते ही «जुड़ें» दबाइए, शब्द आ जाएँगे। - आपकी भाषा
एक भाषा चुनिए। जब चाहें बदलिए। - बड़ा पढ़िए
थकी आँखों के लिए अक्षर बड़े कीजिए या रंग गहरे कीजिए। - ज़ोर से सुनिए
फ़ोन आपको अनुवाद पढ़कर सुनाए। - इमाम की आवाज़ सुनिए
मस्जिद इजाज़त दे तो सीधी आवाज़ भी सुनिए। - पंक्तियाँ सहेजिए
जो पंक्ति रखनी हो उसका सितारा छुइए। - पुराने ख़ुतबे
जब चाहें पिछले ख़ुतबे पढ़िए। - ग़लत शब्द?
अनुवाद ग़लत लगे तो बताइए ताकि सुधारा जा सके। - दान दीजिए
कुछ ही टैप में अपनी मस्जिद की मदद कीजिए।


सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली स्क्रीन










याद रखने लायक बातें
जो ख़ुतबा समझ आए, वह साथ रहता है।
एक हॉल। एक ख़ुतबा। हर भाषा।
अगली सफ़ में बैठी दादी से पीछे बैठे विद्यार्थी तक, सब एक ही पैग़ाम सुनते हैं।
इंसानों के लिए बना, कंप्यूटरों के लिए नहीं।
आइए और सुनिए
अपनी मस्जिद में पूछिए कि क्या वे मिंबर इस्तेमाल करते हैं। ऐप खोलिए, अपनी भाषा चुनिए और सुनिए।